Learning to speak, read and write Hindi

अनार अजगर

This the first in a series of 49 books which has a story for each alphabet of the Hindi language . There is a workbook at the end of it . If you read and write these you will have a rudimentary knowledge of Hindi by the end of it ! After that it is a cake walk !

Also all the stories have a moral a la Aesop’s fables and Panchantatra stories. The fact that they are all humorous is just the icing on the cake ! Who does not like to begin the day with a smile 😊 !

अजगर

अजगर

एक अजगर था । वह बहुत अदभुत था।उसकी आदत थी कि वह रोज़ एक जानवर खा जाता था । और फिर सो जाता था । अब खा कर सो जाओगे तो बीमार तो पड़ जाओगे। बस वो बीमार पड़ गया । उसकी औरत ने कहा कि, “ अजगर जी, जाओ डॉक्टर से अपना इलाज कराओ ।” बस अजगर चल पड़ा अपना इलाज कराने डॉक्टर चिंता प्रकाश के पास । अब अजगर के पैर तो होते नहीं तो वह रेंगते हुए गया । रेंगते रेंगते वह थक गया तो वह एक पेड़ के नीचे सो गया । वह पेड़ एक अनार का था जिस में बहुत सारे लाल लाल फल लगे हुए थे ।

अनार का पेड़ और फल
अनार का पेड़ और फल

एक अनार का फल अजगर के सर पर गिरा तो अजगर उठ गया । उसने गप्प से अनार खा लिया । थोड़ी देर में उसे लगा कि मैं तो ठीक हो गया, पेट का दर्द भी ग़ायब । पर अब तक वो रेंगता रेंगता डॉक्टर के पास पहुँच गया था । डॉक्टर चिंता प्रकाश, जो एक चीता था, ने अजगर जी से कहा, “ महाशय, आप को क्या तकलीफ़ है ?”

अजगर ने कहा, “ मेरे पेट में दर्द था पर वो अब ग़ायब है, मैं बीमार था पर अब में ठीक हूँ ।

डॉक्टर चिंता प्रकाश ने कहा, “ ऐसा कैसे ? मैंने तो तुम्हें कोई दवा दी नहीं !”

अजगर ने कहा, “पता नहीं । मैं यहाँ रेंगते रेंगते आया हूँ और रास्ते में एक पेड़ के नीचे सोया था तो मुझ पर एक फल गिरा तो मैंने उसे खा लिया ।

चीते ने कहा, “वो फल कैसा था ?”

अजगर ने कहा, “वो लाल था और गोल था, उसके अंदर छोटे, छोटे, लाल, लाल, दाने थे ।वो बहुत मीठा था पर ऊपर का छाल कड़ा था ।”

चीते ने कहा, “ लगता है तुमने अनार खाया है, वह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है । इसके अलावा तुम रेंग के आए हो , इससे तुम्हारी एक्सर्सायज़ यानि कसरत हो गयी, इस लिए तुम ठीक हो गए । आगे से ध्यान रहे कुछ फल सब्ज़ी ज़रूर खाओ, साथ में कुछ कसरत भी किया करो । अब लाओ मेरी फ़ीस ।”

अजगर ने कहा, “फ़ीस किस बात की, में तो अपने आप ठीक हो गया हूँ ।”

डॉक्टर चिंता प्रकाश सोच में पड़ गया कि इस तरह सब जानवर अपना इलाज कर के खुद ठीक हो जाएँगे तो मेरा क्या होगा, मैं अपना पेट कैसे भरूँगा । बस चीते ने आव देखा ना ताव झट से अजगर का मुँह खोल कर उस में एक बर्गर डाल दिया । पेट में बर्गर जाते ही अजगर के पेट में ज़ोर ज़ोर से दर्द होने लगा ।

डॉक्टर चिंता प्रकाश

वो चिल्लाने लगा, “ अरे, मुझे कोई बचाओ । मेरे पेट में लगता है बहुत सारे चूहे उछल उछल कर मुझे काट रहे हैं । वह रोने लगा, “ ऊँ ऊँ ऊँ”

तब डॉक्टर चिंता प्रकाश ने कहा, “ दवा दूँ ?”

अजगर चीता की चालाकी समझ गया की वह उससे फ़ीस ऐंठना चाहता है ।

उसने कहा, “नहीं, मैं फिर रेंगता हुआ घर जाऊँगा और रास्ते में एक अनार खाऊँगा । मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं।

बाक़ी जानवर, जो वहाँ बैठे थे, उन्होंने भी अजगर की बात सुनी तो वो ख़ुश हो गए । उन्होंने सोचा कि यह तो बहुत अच्छा उपाय है । अगर हम खुद अपने आप को ठीक रखेंगे तो चीते की मोटी फ़ीस नहीं देनी पड़ेगी । बस सब ने आव देखा ना ताव चल पड़े अजगर के पीछे पर थोड़ी दूर पर कि कहीं रास्ते में अजगर को भूख लग जायेगी तो वह हमें ना खा जाए । जब सब अनार के पेड़ के पास पहुँचे तो सब उछल उछल कर अनार तोड़ने लगे और गप्प गप्प खाने लगे ।

सब जानवर उछल उछल कर अनार का फल खाने लगे

अनार का पेड़ ख़ाली हो गया । उसने सोचा, “वाह रे वाह ! एक अनार का पेड़ और सौ बीमार ! अब अगर में बीमार पड़ूँगा तो क्या करूँगा ? मेरे पास तो एक भी फल नहीं बचा । उसे रोता देख कर एक तितली, जो उधर से उड़ रही थी, बोली, “ फ़िक्र ना करो भैया अनार के पेड़ । तुम्हारे ऊपर जो फूल बचे हैं I जल्दी ही अनार का पेड़ बन जाएँगे । वही तो हमारा काम है । हम एक पौधे के फूल से दूसरे पौधे को मिलते हैं जिससे वह जल्दी फल बन जाता है ।

तितली की सीख

यह सुन कर अनार का पेड़ बहुत ख़ुश हुआ । उसने सोचा, “कोई बात नहीं अगर जानवर सब अनार तोड़ कर के गए । अब वो ठीक हो जाएँगे । और मैं भी ठीक ही रहूँगा क्यूँकि जो दूसरे की मदद करता है उसको कोई चिंता नहीं सताती क्यूँकि उसकी मदद भगवान करता है ।हाँ जो बिना मतलब के दूसरों को लूटता है उसे भगवान ज़रूर सज़ा देते हैं जैसे की वह चीता जिसका नाम ही चिंता प्रकाश है । अब उसे इस बात की चिंता है कि सारे जानवर तो ठीक हो गए अब मेरे पास इलाज के लिए कौन आएगा और मेरा पेट कैसे भरेगा । इसीलिए कहते हैं,“ जैसी करनी वैसी भरनी ।”

अभ्यास

अ से अन्य शब्द

अ से कुछ और शब्द सोचो और उनके चित्र बनाओ

२ . अदरक अलमारी अख़बार अखरोट अलगनी अंतरिक्ष

इन में से तीन का चित्र बना कर उनका नाम लिखो

३.. कहानी में जहां जहां अ है उसे पेन्सल से निशान लगाओ .

४. इन का मतलब बनाओ और वाक्यों में प्रयोग करो

१. आव देखा ना ताव

२. पेट में चूहे उछलना

३. एक अनार और सौ बीमार

४. जैसी करनी वैसी भरनी

५. विपरीतार्थक शब्द

मीठा – ख़ट्टा

ऊपर – नीचे

ख़ाली – भरा

जल्दी – देर

खुश – दुखी

६. इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

७. क्या चीता का फ़ीस लेना ठीक था ? उसने दवा नहीं दी थी पर सलाह तो दी थी ?

( नहीं चीता का फ़ीस लेना उचित नहीं था क्यूँकि उसकी सलाह अजगर ने नहीं माँगी थी, वो तो जा रहा था पर चीता ने उसे सलाह दे डाली । फिर जब अजगर ने फ़ीस देने से मना कर दिया तो उसने उसके मुँह में ज़बरदस्ती बर्गर ठूँस दिया ! )

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s