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Melody Finale Part 5 Episode 4Your New Year gift – your 9 minute giggle, chuckle

Your New Year gift – your 9 minute giggle, chuckle

as you follow the hi-jinks of the characters of Jungle-Land and the Land of Birds

Finally Melody reached the concert hall and sings her heart out ! But there are more twists in this tail of the Collected Tails of Jungle-Land than you can imagine ! Enjoy !

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सेब का बाग़ और बरगद का पेड़( The apple orchard and the Banyan tree )HINDI AVATAR OFA FOR APPLE ACORN AARDVARK

एक सेब का बाग़ था । उस में एक सेब का पेड़ हमेशा अपने लाल लाल सेबों से लदा रहता था । उस पर ढेर सारे सेब फलते थे । उस पर इतने ढेर सारे सेब फलते थे कि उसकी टहनियाँ उनके भार से झुक कर ज़मीन पर आ जातीं । बाग़ के सभी प्राणी बड़े चाव से उन सेबों का आनंद उठाते । गाय, बकरी, गिलहरी, यहाँ तक कि चिड़ियाँ और तितलियाँ भी उसके रसीले सेबों का आनंद उठाती। तितलियाँ और भँवरें एक सेब के पेड़ से उड़ कर दूसरे सेबों के पेड़ पर जा बैठते तो वह पेड़ भी फलने फूलने लगता । यही तो इन छोटे छोटे जीवों का चमत्कार है ।

एक दिन उस सेब के बाग़ में दो टाँगो वाले दो प्राणी आए, एक आदमी और एक औरत । दोनों सेब के पेड़ को देख कर मुग्ध हो गए । उन्होंने सेबों को खूब छक कर खाया । अब उनके मन में लालच आ गयी । उन्होंने सोचा कि अगर हम इन सेबों को शहर के बाज़ारों में बेचेंगे तो हमारी खूब आमदनी होगी ।बस फिर क्या था ! दोनों सेबों को तोड़ तोड़ कर लकड़ी के बक्से में भरने लगे और उनको शहर पहुँचने लगे ।

थोड़े दिन बाद वे और लोगों को लाए जो उनकी मदद करते । थोड़े ही दिनों में सेब के पेड़ सेबों से ख़ाली हो गए ।

बाग़ में एक भी सेब नहीं बचा । बाग़ में रहने वाले सभी प्राणी भूखे रह गए । उन्होंने बाग़ को छोड़ देने का निश्चय किया । सभी प्राणी , गाय, भैंस , बकरी , यहाँ तक कि तितली , भँवरें भी सपरिवार बाग़ को छोड़ कर जाने लगे । थोड़े ही दिनों में सेब का बाग़ ख़ाली हो गया ।

सेब का पेड़ अपने मित्रों के जाने से बात दुखी हो गया । उस पर सेब फलने भी बंद हो गए । बाक़ी पेड़ भी सेबों से ख़ाली हो गए ।बाग़ बिलकुल सुनसान हो गया ।

दोनो मनुष्य भी दुखी हो गए । अब उनकी आमदनी भी जो बंद हो गयी थी । वे दोनों सोच में डूब गए । अचानक उनको सूझा कि क्यूँ ना हम किसी पेड़-पौधों के डॉक्टर के पास जाते हैं । शायद वह हमें रास्ता बताए कि कैसे सेब के पेड़ पर पुनः सेब फलने लगे । फिर क्या था । उन्होंने आव देखा ना ताव , चल पड़े पेड़-पौधों के डॉक्टर से मिलने जिसे अंग्रेज़ी में होर्टिकलचरिस्ट कहते हैं । हैं ना टेढ़ा सा नाम !

वह डॉक्टर भी उतना ही टेढ़ा था । वह समझ गया कि इन मनुष्यों के लालच ने पूरे बाग़ को तबाह कर दिया । इस बाग़ को इनसे बचाना बहुत ज़रूरी है । उसने उन दोनो को सलाह दी कि तुम लोग कोई दूसरे पेड़ उगाओ जिससे तुम्हें इससे भी ज़्यादा आमदनी होगी । उसने उनको एक बरगद के पेड़ का बीज दिया और कहा इसे बो दो और इंतेज़ार करो । यह बरगद का एक पेड़ पूरा बाग़ बन जाएगा । तब तक तुम लोग सेब के बाग़ में मत जाना ।

दोनो मनुष्य उस बरगद के बीज को के कर ख़ुशी ख़ुशी घर आ गए । अब बरगद का पेड़ वहाँ तो उगता नहीं जहां सेब के फल होते हैं ।चुनांचे इन दोनों को सेब के बाग़ से बहुत दूर जाना पड़ा । वहाँ जा कर उन्होंने बरगद के बीज को बो दिया ।

और करने लगे इंतजार उसके बाग़ बनने का । बरगद के पेड़ को बड़े होने में बहुत समय लगता है और बाग़ बनने में और भी समय लगता है । उसके जड़ टहनियों से नीचे आते हैं, ज़मीन को पकड़ते हैं और इस तरह फैलते हैं ।

कई साल बीत गए । दोनों मनुष्य इंतज़ार करने लगे कि कब बरगद का बाग़ बनेगा, इस में फल लगेंगे और हम फिर अमीर हो जाएँगे । इंतज़ार करते करते दोनो बूढ़े हो गए । और तब उन्हें मालूम पड़ा कि कि बरगद के पेड़ पर कोई फल ही नहीं होता । उल्टा, वह इतना सघन और भयानक होता है कि वहाँ बहुत सारे जंगली जानवर बसते हैं । उस पेड़- पौधों के डॉक्टर ने उन्हें खूब छकाया !

यहाँ सेब का पेड़ फिर से फलने फूलने लगा ।उसे आराम जो मिल गया था । उसके बाक़ी दोस्त भी फलने लगे । उन रसीले सेबों को देख कर सारे प्राणी वापस आने लगे ; भेड़, बकरी, गाय, भँवरे, तितलियाँ । सब मज़े से बाग़ में रहने लगे ।उनकी वजह से सेब के पेड़ फलों से लदने लगे । पूरा बाग़ ख़ुशी से झूम उठा ।

उधर दोनों मनुष्य हाथ मलते रह गए । अब उन में इतनी ताक़त नहीं बची थी की वह इतना लम्बा सफ़र तय कर के फिर से सेब के बाग़ जाएँ और अपना काम- धंधा शुरू करें । यहाँ घने से बरगद के नीचे उन्होंने अपनी कुटिया बना ली और उन्हीं जंगली जानवरों के बीच रहने लगे । जो थोड़ा बहुत काम कर के उन्हें मिलता उसी से पेट भरते थे । इसीलिए कहा जाता है की “ लालच बुरी बला है ।”

क्षिप्रा शुक्ल

The English avatar of this story .

इस कहानी का अंग्रेज़ी अवतार

https://wp.me/p4LwKY-zp

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Your weekend thrill with an all new episodeMelody Finale Part 5 Episode 2

The contest has started and you finally get to meet the contestants. First up, the well known group from AFRICA, THE BOUNCING BABOONS with their lead singer BONGO and their hit new album, I’’M GOING APE OVER YOU🐒

MAGPIE and MR.JACK DAWSON have finally managed to filch the magic potion from CUCKOO COOL to fix Melody’s throat and Mr.Jack Dawson is flying with her to the concert, will they make it on time . (BANANA- DRAMA is going to take a cab )

Catch up with the shenanigans of the critters from JUNGLE-LAND and the LAND OF BIRDS and have a merry old laugh this weekend . After all, tis the season to be jolly,what !

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MELODY- THE FINALE PART 5 EPISODE ONE

THE CONTEST IS ON !

O ZEE VAN TO DIE RICHE TWO, an elegant ostrich and MC is interviewing some of the contestants ! Senor Julio, the blind thrush and Melody’s music tutor is perched on his trusted Man Friday, BAT VAN FRIDAY’S back as they travel to the LAND OF BIRDS to rescue Melody ! Created by InShot

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Learning to speak, read and write Hindi

अनार अजगर

This the first in a series of 49 books which has a story for each alphabet of the Hindi language . There is a workbook at the end of it . If you read and write these you will have a rudimentary knowledge of Hindi by the end of it ! After that it is a cake walk !

Also all the stories have a moral a la Aesop’s fables and Panchantatra stories. The fact that they are all humorous is just the icing on the cake ! Who does not like to begin the day with a smile 😊 !

अजगर

अजगर

एक अजगर था । वह बहुत अदभुत था।उसकी आदत थी कि वह रोज़ एक जानवर खा जाता था । और फिर सो जाता था । अब खा कर सो जाओगे तो बीमार तो पड़ जाओगे। बस वो बीमार पड़ गया । उसकी औरत ने कहा कि, “ अजगर जी, जाओ डॉक्टर से अपना इलाज कराओ ।” बस अजगर चल पड़ा अपना इलाज कराने डॉक्टर चिंता प्रकाश के पास । अब अजगर के पैर तो होते नहीं तो वह रेंगते हुए गया । रेंगते रेंगते वह थक गया तो वह एक पेड़ के नीचे सो गया । वह पेड़ एक अनार का था जिस में बहुत सारे लाल लाल फल लगे हुए थे ।

अनार का पेड़ और फल
अनार का पेड़ और फल

एक अनार का फल अजगर के सर पर गिरा तो अजगर उठ गया । उसने गप्प से अनार खा लिया । थोड़ी देर में उसे लगा कि मैं तो ठीक हो गया, पेट का दर्द भी ग़ायब । पर अब तक वो रेंगता रेंगता डॉक्टर के पास पहुँच गया था । डॉक्टर चिंता प्रकाश, जो एक चीता था, ने अजगर जी से कहा, “ महाशय, आप को क्या तकलीफ़ है ?”

अजगर ने कहा, “ मेरे पेट में दर्द था पर वो अब ग़ायब है, मैं बीमार था पर अब में ठीक हूँ ।

डॉक्टर चिंता प्रकाश ने कहा, “ ऐसा कैसे ? मैंने तो तुम्हें कोई दवा दी नहीं !”

अजगर ने कहा, “पता नहीं । मैं यहाँ रेंगते रेंगते आया हूँ और रास्ते में एक पेड़ के नीचे सोया था तो मुझ पर एक फल गिरा तो मैंने उसे खा लिया ।

चीते ने कहा, “वो फल कैसा था ?”

अजगर ने कहा, “वो लाल था और गोल था, उसके अंदर छोटे, छोटे, लाल, लाल, दाने थे ।वो बहुत मीठा था पर ऊपर का छाल कड़ा था ।”

चीते ने कहा, “ लगता है तुमने अनार खाया है, वह सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है । इसके अलावा तुम रेंग के आए हो , इससे तुम्हारी एक्सर्सायज़ यानि कसरत हो गयी, इस लिए तुम ठीक हो गए । आगे से ध्यान रहे कुछ फल सब्ज़ी ज़रूर खाओ, साथ में कुछ कसरत भी किया करो । अब लाओ मेरी फ़ीस ।”

अजगर ने कहा, “फ़ीस किस बात की, में तो अपने आप ठीक हो गया हूँ ।”

डॉक्टर चिंता प्रकाश सोच में पड़ गया कि इस तरह सब जानवर अपना इलाज कर के खुद ठीक हो जाएँगे तो मेरा क्या होगा, मैं अपना पेट कैसे भरूँगा । बस चीते ने आव देखा ना ताव झट से अजगर का मुँह खोल कर उस में एक बर्गर डाल दिया । पेट में बर्गर जाते ही अजगर के पेट में ज़ोर ज़ोर से दर्द होने लगा ।

डॉक्टर चिंता प्रकाश

वो चिल्लाने लगा, “ अरे, मुझे कोई बचाओ । मेरे पेट में लगता है बहुत सारे चूहे उछल उछल कर मुझे काट रहे हैं । वह रोने लगा, “ ऊँ ऊँ ऊँ”

तब डॉक्टर चिंता प्रकाश ने कहा, “ दवा दूँ ?”

अजगर चीता की चालाकी समझ गया की वह उससे फ़ीस ऐंठना चाहता है ।

उसने कहा, “नहीं, मैं फिर रेंगता हुआ घर जाऊँगा और रास्ते में एक अनार खाऊँगा । मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं।

बाक़ी जानवर, जो वहाँ बैठे थे, उन्होंने भी अजगर की बात सुनी तो वो ख़ुश हो गए । उन्होंने सोचा कि यह तो बहुत अच्छा उपाय है । अगर हम खुद अपने आप को ठीक रखेंगे तो चीते की मोटी फ़ीस नहीं देनी पड़ेगी । बस सब ने आव देखा ना ताव चल पड़े अजगर के पीछे पर थोड़ी दूर पर कि कहीं रास्ते में अजगर को भूख लग जायेगी तो वह हमें ना खा जाए । जब सब अनार के पेड़ के पास पहुँचे तो सब उछल उछल कर अनार तोड़ने लगे और गप्प गप्प खाने लगे ।

सब जानवर उछल उछल कर अनार का फल खाने लगे

अनार का पेड़ ख़ाली हो गया । उसने सोचा, “वाह रे वाह ! एक अनार का पेड़ और सौ बीमार ! अब अगर में बीमार पड़ूँगा तो क्या करूँगा ? मेरे पास तो एक भी फल नहीं बचा । उसे रोता देख कर एक तितली, जो उधर से उड़ रही थी, बोली, “ फ़िक्र ना करो भैया अनार के पेड़ । तुम्हारे ऊपर जो फूल बचे हैं I जल्दी ही अनार का पेड़ बन जाएँगे । वही तो हमारा काम है । हम एक पौधे के फूल से दूसरे पौधे को मिलते हैं जिससे वह जल्दी फल बन जाता है ।

तितली की सीख

यह सुन कर अनार का पेड़ बहुत ख़ुश हुआ । उसने सोचा, “कोई बात नहीं अगर जानवर सब अनार तोड़ कर के गए । अब वो ठीक हो जाएँगे । और मैं भी ठीक ही रहूँगा क्यूँकि जो दूसरे की मदद करता है उसको कोई चिंता नहीं सताती क्यूँकि उसकी मदद भगवान करता है ।हाँ जो बिना मतलब के दूसरों को लूटता है उसे भगवान ज़रूर सज़ा देते हैं जैसे की वह चीता जिसका नाम ही चिंता प्रकाश है । अब उसे इस बात की चिंता है कि सारे जानवर तो ठीक हो गए अब मेरे पास इलाज के लिए कौन आएगा और मेरा पेट कैसे भरेगा । इसीलिए कहते हैं,“ जैसी करनी वैसी भरनी ।”

अभ्यास

अ से अन्य शब्द

अ से कुछ और शब्द सोचो और उनके चित्र बनाओ

२ . अदरक अलमारी अख़बार अखरोट अलगनी अंतरिक्ष

इन में से तीन का चित्र बना कर उनका नाम लिखो

३.. कहानी में जहां जहां अ है उसे पेन्सल से निशान लगाओ .

४. इन का मतलब बनाओ और वाक्यों में प्रयोग करो

१. आव देखा ना ताव

२. पेट में चूहे उछलना

३. एक अनार और सौ बीमार

४. जैसी करनी वैसी भरनी

५. विपरीतार्थक शब्द

मीठा – ख़ट्टा

ऊपर – नीचे

ख़ाली – भरा

जल्दी – देर

खुश – दुखी

६. इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है

७. क्या चीता का फ़ीस लेना ठीक था ? उसने दवा नहीं दी थी पर सलाह तो दी थी ?

( नहीं चीता का फ़ीस लेना उचित नहीं था क्यूँकि उसकी सलाह अजगर ने नहीं माँगी थी, वो तो जा रहा था पर चीता ने उसे सलाह दे डाली । फिर जब अजगर ने फ़ीस देने से मना कर दिया तो उसने उसके मुँह में ज़बरदस्ती बर्गर ठूँस दिया ! )

Melody part one of four ( episode 1,2,3) Lucky you !

On public demand , all three episodes in one Making it

Melody , the musical , Part 1 of 4 . Enjoy – forty minutes of funny, happy moments of the shenanigans of the folks from Jungle Land , Cuckoo, Marjorie Hatchery, Monsieur Bull-Brass, King Tweety- Fruity, Banana- Drama, Mr, Cranium, Mr. Jack Dawson , Maggie , and many many more !

Connect to your tv to watch on the big screen though the colours are infinitely better on the iPad !

B for ball balloon baby

Once upon a time there was a ball who wanted to be a balloon. He wanted to fly high up in the sky so that he could look down on the world and watch everyone from above.

BALL

He did not like to be kicked around or thrown or lie in a corner when no one was playing with him. All he wanted was to be outside, flying, floating gently in the breeze, just like a balloon does.

BALLOON

One day there was a new guest in the house. It was a baby. A chubby, cooing, cute little baby. When the baby became a little bigger, it started to crawl around. It would bump it’s body against the ball and move it. Sometimes it would sit on the floor and somebody would hand it the ball. Then the baby would hug the ball and hold it tight against its heart. The ball could hear the little heart beating, thump thump, and it’s own heart also went thump thump. It loved the baby.

BABY

Then the baby grew up a little more and started to toddle. It would toddle slowly and when the ball got in its way it would fall on it and clutch it with its tiny hands. The ball just loved being held by the baby.

THE BALL LOVED THE BABY

Some more time went by and the baby was one. There was a big birthday party to celebrate the baby’s turning one year old. Lots and lots of balloons were hung in the living room, The people who came also brought many colorful balloons. The ball was left in the corner. He felt no one was paying attention to him. All the children were grabbing the colorful balloons. Even the baby wanted to touch the balloons. They were so colorful and pretty.

BIRTHDAY PARTY !

Everyone sang, ‘Happy birthday to you,’ to the baby. Then they cut the cake. Lots and lots of photos were taken with the baby and the colorful balloons. Suddenly one naughty boy took the fork he was eating the cake with and pricked the balloon. The balloon burst with a bang so loudly that everyone jumped. The baby started crying.

THE BALLOON BURST

The mother took the baby in her arms and took it out to make it stop crying.Soon the other children followed, each carrying a balloon their hand. They all wanted a balloon. Nobody even thought of the ball lying in the corner. But as one of the children was passing by his foot kicked the ball and it rolled out and lay in the lawn looking at the children holding the colorful balloons.

Suddenly there was a gust of wind and it tugged the string of the balloon. One little child who was holding the string of a red balloon let it go. The balloon floated up in the sky looking so pretty against the blue sky. So the other children let their balloons go. They all floated up and up and up till they vanished from sight. Now the children had nothing.

THE BALLOONS LOOKED SO PRETTY

Then one of the boys saw the ball and ran and picked it up. He threw the ball to his friend who threw it to his friend. All the children threw the ball to each other. Then they took the ball and gave it back to the mother because it was time for them to go. They had had a lot of fun because of the ball.

THE CHILDREN HAD A LOT OF FUN

The mother waved goodbye to the children. Then she took the ball and gave it to the baby who hugged it to its heart and cooed with happiness. The ball was happy too. He no longer wanted to be a balloon. Balloons only look pretty, make a loud noise when they burst and frighten babies and do not stay with you if you let go of their string. But a ball is very useful. You can play with it.

IT’S BETTER TO BE USEFUL

THE END

AND HERE IS THE MOVIE !

Peacock Tails !

A little trailer first ! 
Here’s a little trailer for those who are not inclined to see the full movie about two peacocks , one of which wanted to fly , and the other , pulled him down to earth and reality and taught him some valuable life lessons ! Do what you are made to do , not what you want to do !
Then, if you have the time and in these days of lockdowns, who does not , you are welcome to watch the full movie of fifteen minutes !
# #stories #comedy #satire #dance #movies #entertainment #films #shortfilm

Mayura wanted to make the world more beautiful but before he could ruin his beautiful feathers by using them as a dust rag Peekaboo arrived to knock some sense into his peacock brain.
He also gifted him a new pair of boots to hide his ugly legs ! What are friends for, after all , hmmm.

 

AND HERE’S THE STORY ON WHICH THIS MOVIE IS BASED

THE PALACE WAS GRAND AND MAYURA STROLLING IN THE GROUNDS WAS PREOCCUPIED WITH HIS THOUGHTS. 
“WHAT IS THE POINT OF LIFE ? 
“DO WE HAVE A PURPOSE ?”        

    “LOOK AT MY FEATHERS, THEY ARE BEAUTIFUL, MORE BEAUTIFUL THAN THE RAINBOW. AND YET, DO THEY HAVE A PURPOSE”          
   “SHOULDN’T ALL BEAUTY HAVE A PURPOSE?”

MAYURA KEPT WALKING, THINKING PROFOUND THOUGHTS. HE ALMOST HAD AN ACCIDENT. THE CAR SCREECHED TO A HALT. MAYURA QUICKLY RACED ACROSS, HIS HEART BEATING AND FLUTTERING JUST LIKE HIS BEAUTIFUL TAIL FEATHERS.

BUT THIS LITTLE BRUSH WITH DEATH GOT HIM THINKING EVEN MORE DEEPLY.      
  “WE ALL LEAVE THIS WORLD ONE DAY. SO SHOULDN’T ONE LEAVE IT A BETTER PLACE, A CLEANER PLACE ?”

MAYURA WAS SO TAKEN UP WITH THIS THOUGHT HE IMMEDIATELY STARTED USING HIS FEATHERS AS A BROOM AND STARTED CLEANING UP THE PALACE LAWNS,DUSTING AWAY THE LEAVES AND PUTTING THEM AWAY IN A GARBAGE BAG. HE WAS SO BUSY SWEEPING AND CLEANING,HE DIDN’T NOTICE ANOTHER PEACOCK SITTING GRANDLY ON A BENCH LOOKING AT HIM SARDONICALLY.                                                      


“WHAT ARE YOU DOING ?” HE SAID        

 “CLEANING UP,” SAID MAYURA, NOT MISSING A BEAT AS HE DUSTED AND SWEPT THE DIRT WITH HIS BEAUTIFUL TAIL FEATHERS.        

   “WELL, THAT’S JUST FINE AND DANDY BUT WHY USE YOUR TAIL FEATHERS FOR IT ? AND WHY NOT GET ONE OF YOUR PALACE MINIONS ? IT’S NOT YOUR JOB ! “ 

TO BE CONTINUED….. ( BUT YOU CAN SEE THE MOVIE ) 

Mrs Magpie and her family

Mrs Magpie and her brood of seven , Monday, Tuesday , Wednesday, all the way to Sunday !

What if she had an eighth child ? What do you think she will call her ?

Yes, the eighth child is called January Because you never know what the years will bring !

THE PYTHON AND THE POMEGRANATE TREE – THE BONUS STORY I PROMISED .

SHORT STORY FOR CHILDREN 4 to 7 years

This is the story of a python . The python was a very strange looking fellow. He loved to do strange things too . Every day he would swallow an animal and go to sleep. Now if you only eat and sleep 😴 and eat and sleep 😴 💤 you are going to fall sick. And that is why the python got very very sick 🤒. And his tummy hurt.

So his wife, Mrs Python said, ” Why don’t you go to the doctor Mr. Python ?”

So Mr. Python set off to get himself treated by Doctor Cheetah.

Now we all know that pythons do not have feet so he started to crawl to Dr. Cheetah’s clinic. He crawled and he crawled. It was very hot so he got very tired and lay down under the shade of a tree which had many red fruits hanging on its branches . One of the fruits fell on the python’s head. The python, as was his habit, gulped down the fruit in a jiffy.

After some time Mr. Python felt that he was feeling well. He also had no stomach ache. But by now he had crawled to Dr. Cheetah’s clinic.

Dr. Cheetah, who was always very troubled about his work asked Mr. Python, “Mr. Python, what is your problem ? ”

The python said , “I had a stomach ache but now I am all right . I was feeling very sick but now I am fine.”

Dr. Cheetah said, ” How come you are feeling fine. I have not given you my medicine ? ”

Mr. Python said, “I don’t know. I crawled all the way here. On the way I slept under a tree and when a fruit from the tree fell on me I eat it up. ”

Dr. Cheetah said, “What did the fruit look like ? ”

The python said, ” It was round and red. Inside the fruit there were many tiny red seeds. It was very sweet but it’s skin was very thick .

Dr. Cheetah said, ” It seems to me you eat a pomegranate. The pomegranate fruit is very good for your health. Besides this you came crawling all the way here which is good exercise . Exercise is very good for health . Now bear in mind, eat some fruits and vegetables and also exercise. All right then, give me my fees now. ”

The python said, ” Fees ? Why should I give you fees. I got well on my own.”

Dr. Cheetah thought to himself that if the animals of the jungle start getting well on their own just like this python then what will happen to me, how will I put food on my table ? ”

Dr. Cheetah quickly opened Mr. Python’s mouth and popped in a burger. As soon as the burger went into the python’s stomach it started aching . He started crying loudly, ” Help me, save me ! It feels like a hundred rats are jumping inside and biting my stomach. He started to cry, “Ow !Ow !Ow !”

Then Dr. Cheetah said, “Should I give you some medicine ? ”

Mr. Python understood that Dr. Cheetah was being clever and only wanted to take his money.

Mr. Python said, ” No, I will crawl back home. On the way I will eat a pomegranate. I do not need your services. ”

The other animals who had come to get treated heard what Mr. Python said and were very happy. They thought to themselves , this is an excellent idea. If we can keep ourselves healthy then we don’t have to give Dr. Cheetah his very hefty fees. In a trice they got up and followed the python but kept their distance from him for they did not want to be swallowed by the python in case he got hungry.

When the animals reached the pomegranate tree they all started jumping up to pluck the pomegranate fruits and pop them in their mouths.

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Pomegranate fruits – Good for your health !

 

The pomegranate tree had no fruits left. He thought to himself , ” Goodness gracious , one fruit tree and a hundred impatients! Now what will happen to me if I fall ill ? Boo boo ! ”

A butterfly 🦋 who was flitting by saw the pomegranate tree crying and said, ” Brother Pomegranate tree, don’t worry. The few flowers which are left on you will soon become fruits. That is our job. We will fly from the flowers of one tree to the flowers of another one so that we can help them to become fruits. ”

The pomegranate tree was very happy. He thought to himself, ” It’s quite all right if the animals plucked all my fruits and eat them up. Now they will be cured soon. And, I, too will be well for the person who helps another person stays always well for God helps him. Yes, but God punishes those who rob from other people for no reason at all. Just like that cheetah who is called cheetah for a reason . Now he will always be worried that now that the animals have cured themselves who will come to me for treatment and how will I put food on my table ”

That is why it is said , ” ‘ Cheetahs’ never prosper . ”

THIS STORY IS INSPIRED BY MY FATHER, COL. B. C. SHUKLA WHO GAVE UP ALL HIS FRUITS TO HELP THE ANIMALS OF JUNGLE LAND .

Here is a poem written for him ( on the left and a poem by him , ‘MARTYRDOM’ ( on the right )